जिंदा हम हैं, ख्वाब नहींइंतज़ार है, लेकिन तुम नहींप्यार तुमसे किया है और मौत है हमारी दीवानीआजाओ, के न जाने कब मिलन हो ||बहुत खूब लिखते हो जनाब!
जिंदा हम हैं, ख्वाब नहीं
ReplyDeleteइंतज़ार है, लेकिन तुम नहीं
प्यार तुमसे किया है और मौत है हमारी दीवानी
आजाओ, के न जाने कब मिलन हो ||
बहुत खूब लिखते हो जनाब!